Ashvi Verma
25 March 2020
भारत में कोरोना वायरस के लगभग 606 केस सामने आए हैं जिनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना वायरस धीरे धीरे देश को अपनी चपेट में ले रहा है।कोरोना वायरस के प्रकोप से देश को बचाने के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार और हेल्थ मिनिस्ट्री हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं
इसी के मद्देनजर देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लॉकडाउन कर दिया गया है लोगों की आवाजाही रोकने के लिए दिल्ली समेत कई राज्यों में कर्फ्यू लगाया गया है
सरकार की तरफ से सख्त हिदायत दी गई है यदि कोई लॉकडाउन का उल्लंघन करता है तो पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है
कुछ इलाकों में लॉकडाउन के बावजूद लोग बिना किसी मकसद के घरों से बाहर निकल रहे हैं ऐसे में पुलिस को मजबूरन डंडे का सहारा लेना पड़ रहा है
जी हां मैं उसी प्लास्टिक के पाइप जैसे दिखने वाले डंडे की बात कर रही हूं जो देखने में भले ही साधारण लगे लेकिन इस प्लास्टिक के डंडे की कई खासियत है
आज मैं आपको पुलिस के साधारण दिखने वाले प्लास्टिक के डंडे की खूबियां बता रही हूं जिन्हें जानना आपके के लिए जरूरी और रोचक दोनों हैं
1. डंडे का मैट्रियल

भारत के अधिकतर राज्यों में पुलिस जिस प्लास्टिक की लाठी का प्रयोग करती है वह पाली कार्बोनेट से बनी होती है अनुभवी वर्कफोर्स और अल्ट्रा मॉडर्न मैन्युफैक्चरिंग सेटअप द्वारा इसे तैयार किया जाता है
इस पॉलीकार्बोनेट लाठी की क्वालिटी काफी अच्छी होती है और यह जल्दी टूटती भी नहीं है डंडे की लंबाई करीब साढ़े तीन फुट और मोटाई 3 सेंटीमीटर होती है यह कैरी करने और पकड़ने दोनों में कंफर्टेबल होता है
2. डंडे कीमत और प्रयोग

प्लास्टिक के इस डंडे की कीमत वेबसाइट के हिसाब से अलग-अलग है मैंने इसे अमेजॉन पर चेक किया तो यहां ₹1399 में चार डंडे मिल रहे थे यानी एक डंडा साडे ₹350 का हुआ।
जब मैंने अन्य वेबसाइट चेक की तो मुझे डंडा ₹199 में भी मिल रहा था लेकिन इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि 1 डंडे की कीमत कितनी है।

इन डंडों का प्रयोग अधिकतर सिक्योरिटी परपस के लिए किया जाता है
अमेजॉन पर इसके बारे में लिखी जानकारी के मुताबिक यह लाठी पुलिस, रक्षा मंत्रालय और अन्य पुलिस विभागों द्वारा अप्रूव होती है ।
3. डंडा पड़ने पर हड्डी नहीं टूटती

शायद आपने देखा हो जब पुलिस डंडे से मारती है तो यह नहीं देखती कि सामने वाले पर लाठी कहां पड़ेगी इसके पीछे का कारण है डंडे का मैट्रियल
जी हां इस लाठी से इंसान की हड्डी नहीं टूटती और ना ही सिर में चोट लगने का खतरा रहता है हालांकि इसकी मार से शरीर में खूब दर्द होता है
4. शरीर पर चोट का निशान पड़ता है

पुलिस की मार बुरी होती है और उस मार में सहयोग करता है प्लास्टिक का यह डंडा। इस डंडे की चोट काफी बुरी लगती है लेकिन आवाज नहीं आती
डंडा शरीर के जिस हिस्से में पड़ता है वहां से लाल और हरा (चोट से पढ़ने वाला निशान) हो जाता है डंडे से चोट लगने के बाद शरीर में लंबे समय तक दर्द बना रहता है
दोस्तों यह मैंने आपको पुलिस के डंडे की कुछ खास बातें बताई हैं तो लॉकडाउन के इस समय में आप नियमों का पालन करें ताकि पुलिस को सख्ती बरतने की जरूरत ना पड़े और आपको भी इस नए से देखने वाले डंडे को खाने का मौका ना मिले सेफ रहिए घर पर रहिए परिवार के साथ समय बताइए केंद्र सरकारें राज्य सरकारें और प्रशासन के द्वारा बनाए हुए नियमों का पालन कीजिए और कोरोना से लड़ने में अपनी सरकार और प्रशासन का सहयोग करें।
धन्यवाद
ग्रेट आपकी ऐसी जानकारियां ही हमें रह दिखाती है
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