
पवित्र हिन्दू तीर्थ हरकी पैड़ी पर बीती अर्द्ध रात्रि में अचानक आकाशीय बिजली गिरने से हरकी पैड़ी का एक बड़ा भाग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सोम और मंगलवार की अर्द्धरात्रि को हरिद्वार में हुई भारी से भी भारी बारिश से शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, रात्रि लगभग ढाई बजे शुरू हुई तेज बारिश के दौरान ही हरकी पैड़ी गंगा सभा कार्यालय के उपरी भाग में सडक मार्ग की तरफ से बनी सैकड़ों वर्ष पुरानी, सडक और हरकी पैड़ी को विभाजित करने वाली दिवार वाच टावर सहित हरकी पैड़ी घाट पर गिर गई।

देर रात और तेज बारिश के बीच घटना स्थल पर किसी इंसान की मौजूदगी न होने से हादसे का रुख विकरालता लेने से बच गया।
एक दिन पूर्व ही सोमवती अमावस्या स्नान पर लाकडाउन के कारण वहां लोग नहीं थे अन्यथा श्रद्धालु स्नानार्थी मौसम के असामान्य होने के बावजूद हरकी पैड़ी पर बने रहते हैं।
विद्वान पंडितों के अनुसार गंगा जी हुई नाराज इसलिए प्रकृति ने अपना कहर बरपाया
प्रख्यात ज्योतिषी प्रतीक मिश्रीपुरी ने घटना को लेकर गहरा दुख जताते हुए कहा हरकी पैड़ी के युगों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है,इसे गंगा मईया की नाराज़गी में दर्ज किया जाना चाहिए, प्रशासन ने कल सोमवती अमावस पर श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी पर प्रवेश नहीं करने दिया,न सम्वत पर,न श्रावण मास में,न बैसाखी पर गंगा पूजन करने से लोगों को वंचित रखा,
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गंगा को अपने स्वार्थ और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए पवित्र गंगा को स्केप चैनल का दर्जा दे दिया,अब भले ही माफी मांगी हो लेकिन गंगा के सम्मान को ठेस पहुंचाने का जो अंजाम उन्हें भुगतना पड़ा कहीं ऐसा ही अंजाम प्रशासन को भी न भुगतना पडे।

आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा भूभाग हुआ तहस-नहस,
हरकी पैड़ी पर पुरोहित पंडित नितीन शुक्ला ने कहा अर्द्ध रात्रि को धरती पर अचानक कम्पन और तेज आवाज के साथ हरकी पैड़ी का एक भाग क्षतिग्रस्त हो गया जो सबके मस्तिष्क पर चिंता की लकीरें छोड गया है, उन्होंने कहा गंगा सभा कार्यालय पूरी तरह सुरक्षित है और कोई जनहानि भी नहीं हुई है।

धन्यवाद
Report by:- Ashvi Verma